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ISIS DIGITAL JIHAD: YOUTH UNDER SIEGE
“यत्र योगेश्वरः कृष्णो यत्र पार्थो धनुर्धरः। तत्र श्रीर्विजयो भूतिर्ध्रुवा नीतिर्मतिर्मम॥” “Where there is Krishna, the master of yoga, and where there is Arjuna, the supreme archer, there also are prosperity, victory, and sound morality.” यह घटना केवल एक आपराधिक गिरफ्तारी की खबर नहीं है, बल्कि यह भारत की आंतरिक सुरक्षा, सामाजिक संरचना और डिजिटल युग में उभरती वैचारिक युद्ध प्रणाली का एक गंभीर संकेत है। 12 संदिग्धों की गिरफ्तारी, जिनका संबंध ISIS और Al-Qaeda जैसे वैश्विक आतंकी

S.S.TEJASKUMAR
Mar 284 min read


DEMOCRATIC LEGITIMACY AND INSTITUTIONAL BALANCE IN BANGLADESH
Bangladesh में जो कुछ फरवरी 2026 के चुनावों के दौरान हुआ, वह केवल एक राजनीतिक घटना नहीं थी, बल्कि लोकतांत्रिक ढांचे के व्यवस्थित विघटन का एक स्पष्ट उदाहरण था। 12 फरवरी 2026 को आयोजित चुनाव को यदि वैज्ञानिक और संस्थागत दृष्टिकोण से विश्लेषित किया जाए, तो यह स्पष्ट हो जाता है कि यह चुनाव न केवल प्रक्रियात्मक रूप से दोषपूर्ण था, बल्कि इसकी संरचना ही इस प्रकार की गई थी कि परिणाम पहले से निर्धारित हों। लोकतंत्र का मूल सिद्धांत प्रतिस्पर्धात्मक बहुदलीय प्रणाली (competitive multipar

S.S.TEJASKUMAR
Mar 284 min read


BLOWBACK IN GILGIT-BALTISTAN: PAKISTAN’S MILITANT STRATEGY TURNING INWARD
यह घटना—यदि दारेल, दीमेर (गिलगित-बाल्टिस्तान) में कथित हमले का दावा तथ्यात्मक रूप से सही है—तो इसे किसी भी प्रकार की “आज़ादी की लड़ाई” के रूप में प्रस्तुत करना न केवल बौद्धिक बेईमानी है, बल्कि यह उस गहरे और लंबे समय से पल रहे संरचनात्मक संकट को छुपाने का प्रयास भी है, जिसकी जड़ें पाकिस्तान की स्वयं की सुरक्षा और सामरिक नीतियों में गहराई तक धंसी हुई हैं। यह घटना किसी मुक्ति आंदोलन का प्रमाण नहीं है; यह उस ‘ब्लोबैक’ का साक्ष्य है जिसे अंतरराष्ट्रीय संबंधों और सुरक्षा अध्ययन में

S.S.TEJASKUMAR
Mar 185 min read


EMERGING HYBRID THREATS TO INDIA’S INTERNAL SECURITY: A STRATEGIC AND ESPIONAGE PERSPECTIVE
भारत के भीतर उजागर हुआ यह पाकिस्तान-समर्थित जासूसी नेटवर्क कोई साधारण आपराधिक घटना नहीं है, बल्कि यह आधुनिक युद्ध के उस नए स्वरूप का प्रमाण है जिसे सामरिक अध्ययन में “हाइब्रिड वारफेयर” और “ग्रे-ज़ोन कॉन्फ्लिक्ट” कहा जाता है। गाज़ियाबाद से पकड़े गए छह सदस्यों का यह गिरोह, जिसमें सुहैल मलिक और उसकी सहयोगी इरम उर्फ़ माहक शामिल थे, केवल सूचनाएं इकट्ठा नहीं कर रहा था, बल्कि भारत की सैन्य संरचना, लॉजिस्टिक्स और मूवमेंट पैटर्न का व्यवस्थित डिजिटल मैपिंग कर रहा था। यह गतिविधि पारंपरि

S.S.TEJASKUMAR
Mar 185 min read


QUESTIONING ELECTORAL INTEGRITY: THE HIDDEN CRISIS IN BANGLADESH’S ‘UNPRECEDENTED’ ELECTION
किसी भी राष्ट्र में चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन की प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं होते, ये दरअसल राज्य और नागरिक के बीच सामाजिक अनुबंध का नवीनीकरण का क्षण होते हैं। जब कोई चुनाव आधिकारिक मंच से “इतिहास का सर्वश्रेष्ठ” और “अभूतपूर्व” घोषित किया जाता है, तो पहली नजर में लगता है कि सब ठीक है, लेकिन असलियत कुछ और ही कहती है। अगर जमीनी स्तर पर मतदान केंद्र खाली हों, मतदाताओं की कतारें न हों, कर्मचारी अपने फोन पर ध्यान लगाएँ या चाय पीते रहें, और बावजूद इसके मतपेटियाँ भरती रहें, तो यह सिर्फ

S.S.TEJASKUMAR
Feb 254 min read


