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BETWEEN FEAR AND WARMTH: THE NEUROSCIENCE BEHIND SPIELBERG’S CREATIVE DUALITY
स्टीवन स्पीलबर्ग द्वारा व्यक्त किया गया अनुभव केवल एक फिल्म निर्देशक के रचनात्मक संघर्ष का बयान नहीं है, बल्कि यह मानव मस्तिष्क, संज्ञानात्मक लचीलापन, भावनात्मक प्रोसेसिंग और न्यूरोसाइंस के गहरे सिद्धांतों का जीवंत उदाहरण है। जब वह कहते हैं कि उन्होंने “E.T.” और “Poltergeist” जैसी दो विपरीत भावनात्मक स्पेक्ट्रम वाली फिल्मों पर एक साथ काम किया, तो यह केवल कला का प्रयोग नहीं था—यह एक प्रकार का संज्ञानात्मक प्रयोग (cognitive experiment) था, जिसमें मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को चरम

S.S.TEJASKUMAR
Mar 184 min read


